समाचार पत्र

समाचार पत्र

समाचार पत्र सूचनाओं का एक ऐसा भंडार पत्र है जिसमें देश विदेश,  खेलकूद,  सांस्कृतिक तथा सिनेमा से संबंधित सभी प्रकार के समाचार हमें प्राप्त होते हैं। समाचार पत्र का जन्म 16वीं शताब्दी  में इटली के वेनिस नगर में हुआ था।  उस समय समाचार पत्र हाथ से लिखे जाते  थे मुद्रण यंत्रों के जन्म के बाद सबसे पहले समाचार पत्र इंग्लैंड में छापा गया था। हमारे देश में इसका आगमन 18वीं शताब्दी में हुआ था। यहां सबसे पहले “इंडिया गजट” के नाम से अंग्रेजी अखबार  छापा गया था।  इसके बाद ईसाईयों का समाचार पत्र हिंदी में आया। इसके बाद राजा राममोहन राय ने तथा ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अपने समाचार पत्र निकाले। आजकल यह कई भाषाओं में छापे जाते हैं इससे लाखों लोगों को व्यवसाय मिला।

समाचार पत्रों के प्रकार

समाचार पत्र दैनिक, साप्ताहिक, मासिक प्रकाशित हो रहे हैं। हिंदी के प्रमुख समाचार पत्रों में नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, वीर अर्जुन, आज,  पंजाब केसरी,  अमर उजाला आदि समाचार पत्र छपते हैं।

समाचार पत्रों की उपयोगिता

यह ज्ञान का सबसे सरल व प्रभावशाली साधन है इसमें सामाजिक धार्मिक राजनीतिक सांस्कृतिक साहित्यिक मनोरंजन आदि सभी प्रकार के समाचार छपते हैं जिससे हमें विश्व की घटनाओं की जानकारी घर बैठे बैठे ही प्राप्त हो जाती हैं। इसके माध्यम से हजारों मील दूर के व्यापारिक कार्यों व उत्पादन की जानकारी मिलती है व्यापारी वर्ग अपने उत्पाद के विज्ञापन के द्वारा अपनी वस्तुओं की जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। इसके द्वारा सरकारी कार्यों विचारों तथा उपलब्धियों का प्रकाशन आसानी से हो जाता है। विशेष लिखो, पाठकों के पत्र आदि कालम से जनता व सरकार दोनों को सजग रखती है इस में प्रकाशित राजनीति, क्रिड़ा जगत, बालजगत, चित्रपट, रिक्तस्थानों, वैवाहिक विज्ञापन, तथा कहानी और कविता से पाठकों का ज्ञान बढ़ता है तथा मनोरंजन होता है।

उपसंहार

अंत में यह कहना उचित होगा कि समाचार पत्र आज के यांत्रिक युग में भी समाचार जाननें का सबसे प्रभावशाली साधन है और यही आज का भी सूचना प्रहरी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *